حكاوى القيامة

تعطيل النجومتعطيل النجومتعطيل النجومتعطيل النجومتعطيل النجوم
 
المجموعة: تأملات الزيارات: 28899

0871_Jesus_resurrection_christian_clipartحينما  قام  المسيح  أقامنا  معه  ،  وحينما  صعد  أصعدنا  معه  إلى  السماء  وأجلسنا  معه  عن يمين  الآب  ..  المسيح  باكورة  ،  ثم  الذين  للمسيح  عند مجيئه.  1 كو 15 : 23
الأخت  ليلى  ،  شابة  فى  مقتبل  العمر  ،  طبيعية  فى  كل  شئ ، ليس  ما  يميزها  ،  حسب  الظاهر  ، عن  الآخرين  ،  فهى  ليست  خادمة  ،  وليس  لها  دور  بارز  فى  الكنيسة  ولا  إسم  رنان  بل  شابة  عادية  من  شابات  الكنيسة  بالقاهرة  . 
تزوجت  بقريب  لها  بالإسكندرية  وسكنت  مجاورة  لكنيستنا  ،  كانت  تحضر  القداسات  والعشيات  ،  قليلة  الإختلاط  بالناس  ،  وكانت  من  حين  إلى  حين  تأتى  معترفة  لله  أمامى  فى  أثناء  العشيات  .

والحق  ،  كنت  أحسد  هذه  الأخت  على  نقاوة  قلبها  وشفافية  روحها  ،  كيف  تحتفظ  بهذا  القلب  البرئ  والنفس  التى  لم  تتسخ  بالعالم  رغم  أنها  صارت  أماً  لطفلين  !
كانت  فى  حياتها  الزوجية  مثلاً  رفيعاً  للإخلاص  والمودة  ،  وقد  نفذت  حرفياً  وصية  الرب    «  لا  تغرب  الشمس  على  غيظكم  »  ..  لم  يمضِ  يوم  واحد وهى   فى  خصام  مع  زوجها  ،  وإن  حدث  شئ  من  سوء  الفهم  كانت  تـُسرع  إلى  الصفح  والإعتذار  ،  فظل  قلبها  نظيفاً  نقياً  ،  إستحق  تطويب  الرب  «  طوبى  لأنقياء  القلب  لأنهم  يعاينون  الله    »  .
كانت  إبنتها  الكبرى  أربع  سنوات  ،  وكان  طفلها  الصغير  إبن  سنتين..  كان  متعلقاً  بها  بشكل  مثير  أقلق  مَن  حولها  من  أهلها  ،  فهو  لا  يستطيع  أن  يفارقها  لحظة  واحدة  ،  حتى  أنها  ما  كانت  تستطيع  أن  تدخل  الحمام  بدونه  ،  إلا  أنها  كانت  هادئة  دائماً  مملوءة  سلاماً  لا  تنــزعج  من  شئ  .
حضر  زوجها  من  عمله  بعد  الظهر  ،  حسب  عادته  ،  فوجد  كل  شئ  فى  المنــزل  كالعادة  جميلاً  نظيفاً  ،  وقد  أعدت  له  الطعام  ورتبت  المائدة  ،  كل  شئ  على  ما  يُرام  .
تناولوا  الطعام  ،  وارتاح  الزوج  قليلاً  وتهيأ  للخروج  إلى  عمله  فى  الفترة  المسائية  ،  لكنها  استوقفته  ودار  بينهما  الحوار  الآتى  : 
هى   :   لا  تنــزل  اليوم  .
هو  :   "  بعدما  تعجب  جداً  "  ..  لماذا  ؟ 
هى  :   أنا  عاوزاك  !
هو  :   ماذا  تريدين  ؟  ألا  تعلمين  أننى  مرتبط  بالعمل  ولا  أستطيع  أن  أتأخر  .
   شددت  عليه  الطلب  ،  وزاد  هو  فى  الإستفسار  .. 
هى  :   أنا  سأموت  اليوم  .
كاد  زوجها  يُشل  تفكيره  ،  وهو  واقف  أمامها  فى  ذهول  .
هو   :   إنك  فى  كامل  الصحة  وريعان  الشباب  !  يشهد  بذلك  ذلك  المجهود  الضخم  الذى  بذلتيه  اليوم  !
هى   :   أرجوك  ،  هذا  ما  سيحدث  !
ولم  تكد  تنطق  بهذه  الكلمات  حتى  جلست  على  كرسى  كان  بجوارها  وشحب  لونها  فى  لحظات  وغابت  عن  الوعى  .
وقف  الزوج  فى  ذهول  مما  يحدث  حوله  ،  يكاد  لا  يصدق  أنه  فى  صحوه  ،  وبدأ  يصرخ  والأطفال  حوله  فى  منظر  مأساوى  مثير  للغاية  . 
بدأ  يضرب  بيده  على  خدها  لعلها  تفيق  من  إغمائها  ،  فإذ  بها  تفتح  عينيها  ثم  تقيأت  ،  وتنفست  وعادت  إلى  وعيها  .
كاد  الزوج  يطير  من  الفرح  وقال  لها  :  نشكر  الله  أنتِ  بخير  ،  لقد  كدت  أجن  من    لحظات  ..  فقاطعته  قائلة  :  إسمع  ،  لقد  مُتُّ  فعلاً  وذهبت  إلى  الفردوس  وتقابلت  مع  كثيرين  من  الذين  إنطلقوا  ،  وتكلمت  مع  بابا   (  وكان  قد  سبقها  إلى  السماء  منذ  سنوات  )    وقال
لى  :  لا  يا  إبنتى  ،  أنتِ  صغيرة  وأطفالك  صغار    ،  عودى  إليهم  !  ولكن  لا  ،  أنا  عارفة  أننى  سأموت  أيضاً  ،  السماء  جميلة  ،  أرجوك  ..  تمسك  بالله  واحفظ  وصاياه  وربِّ  الأولاد  فى  مخافة  الرب  !
وإذ  قالت  هذا  رقدت  فى  الرب  .  حاول  الرجل  أن  يعمل  كل  ما  فى  طاقة  البشر  ،  لكن  الأمر  كان  قد  صدر  من  قِبَلِ  الرب  .
ساعات  قليلة  وكان  الجميع  فى  المنــزل  .  كان  إلى  جانب  هذه  الأحداث  المفجعة  موضوع  يطرح  نفسه  بشدة  وقسوة  :  مشكلة  الطفل  الصغير  شديد  التعلق  بأمه  ،  وتصور  أغلب  الحاضرين  أن  هذا  الطفل  لن  يعيش  طويلاً  بعد  أمه  ،  سوف  يموت  من  الحزن  عليها  .  الذى  لم  يحتمل  غيابها  إلى  لحظات  ..  كيف  يحتمل  غيابها  إلى  الأبد  !
لكن  الله  ،  حافظ  الأطفال  الصغار  ،  قد  أكرم  هذه  الأم  البارة  وعَزى  من  حولها  ،  وكشف  أنها  ،  وهى  فى  السماء  ،  تستطيع  أن  تخدم  أطفالها  وتشفع  فيهم  !  فقد  أعطى  الله  هذا  الطفل  سلاماً  عجيباً  فلم  يطلب  أمه  ولا  بكى  ،  حتى  بعد  شهور  من  رحيلها  ،  عندما  كانوا  يعرضون  بعض  الصور  الفوتوغرافية  أمام  الطفل  ،  كان  يتعرف  على  جميع  مَن  فى  الصور  من  الأقارب  ويناديهم  بأسمائهم  ،  إلى  أن  ياتى  إلى  صورة  أمه  ،  وكأنه  لا  يعرفها  ،  فكان  يصمت  ولا  يجيب  !
وعاش  الطفل  طبيعياً  ،  وقد  سكب  الرب  فى  قلبه  وباقى  أسرته  عزاءاً  فوق  العادة  ،  وكانت  قصة  إنطلاق  هذه  البارة  سبب  توبة  وعزاء  للكثيرين  !
وقد  أعادت  أحداث  هذا  الطفل  إلى  الأذهان  ،  قصة  إحدى  الشهيدات  الموعوظات  ،  التى  وضعت  (  ولدت  )  طفلها  وهى  فى  السجن  على  ذمة  الاستشهاد  ،  فإحتجز  الحراس  طفلها  ،  وكانوا  لا  يطعمونه  لمدة  يوم  كامل  ،  ويحاولون  أن  يأتوا  بالطفل  وهو  يصرخ  أمامها  ،  لكى  يثنوها  عن  إيمانها  ويؤثروا  على  عاطفتها  كأم  .  أما  هى  فكانت  تصلى  بحرارة  شديدة  ،  وكانت  النعمة  تشبع  الطفل  الرضيع  فيكف  عن  الصراخ  ! 
عن كتاب رائحة المسيح جـ 1
للقمص لوقا سيداروس